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Friday, January 29, 2021

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَنْ لَقِيطِ بْنِ صَبِرَةَ قَالَ: قُلْتُ: يَا رَسُولَ اللَّهِ أَخْبِرْنِي عَنِ الْوُضُوءِ. قَالَ: «أَسْبِغِ الْوُضُوءَ وَخَلِّلْ بَيْنَ الْأَصَابِعِ وَبَالِغْ فِي الِاسْتِنْشَاقِ إِلَّا أَنْ تَكُونَ صَائِمًا» . رَوَاهُ أَبُو دَاوُدَ وَالتِّرْمِذِيُّ وَالنَّسَائِيُّ وَرَوَى ابْنُ مَاجَه والدارمي إِلَى قَوْله: بَين الْأَصَابِع

🍁 *तर्जुमा :-* लक़ीत बिन सबिरह रज़ियल्लाहू अन्हु बयान करते हैं, मैंने अर्ज़ किया: अल्लाह के रसूल! मुझे वुज़ू के बारे में बताइए, आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: “वुज़ू अच्छी तरह करो, उंगलियों के दरमियान ख़िलाल करो और रोज़े की हालत के अलावा नाक में पानी ख़ूब चढ़ाओ”। अबू दावुद, तिरमिज़ी, नसाई और इब्ने माजा और दारमी ने ((بَيْنَ الْأَصَابِعِ)) तक रिवायत किया है।

📚 *[सहीह, अबू दावूद (142), तिरमिज़ी (788), नसाई (87,114), इब्ने माजा (407,448), दारमी (711), सहीह ख़ुज़ैमा (150,168), इब्ने हिब्बान (अल-मवारिद: 159), हाकिम (1/147,148), मिशकातुल मसाबीह (405)]*

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Wednesday, January 27, 2021

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا قَالَتْ: كَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُحِبُّ التَّيَمُّنَ مَا اسْتَطَاعَ فِي شَأْنِهِ كُلِّهِ: فِي طهوره وَترَجله وتنعله

🍁 *तर्जुमा :-* आयशा रज़ियल्लाहू अन्हा बयान करती हैं, नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अपने तमाम काम (मसलन) वुज़ू करने, कंघी करने और जूता पहनने में जहाँ तक मुमकिन होता दाएं तरफ़ से शुरू करना पसंद किया करते थे।

📚 *[मुत्तफ़िक़ अलैह, बुख़ारी (426), मुस्लिम (617), मिशकातुल मसाबीह (400)]*

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Monday, January 25, 2021

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَن الْمُغيرَة بن شُعْبَة قَالَ: إِنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَوَضَّأَ فَمَسَحَ بِنَاصِيَتِهِ وَعَلَى الْعِمَامَةِ وَعَلَى الْخُفَّيْنِ. رَوَاهُ مُسلم

🍁 *तर्जुमा :-* मुग़ीरा बिन शोअबा रज़ियल्लाहू अन्हु बयान करते हैं की नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने वुज़ू किया तो आपने अपनी पेशानी, अमामा और मोज़ो पर मसाह किया। 

📚 *[मुस्लिम (636), मिशकातुल मसाबीह (399)]*

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Sunday, January 24, 2021

Achchi Tarah Wuzu Karna (अच्छी तरह वुज़ू करना)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَن عبد الله بن عَمْرو قَالَ: رَجَعْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِنْ مَكَّةَ إِلَى الْمَدِينَةِ حَتَّى إِذا كُنَّا بِمَاء بِالطَّرِيقِ تعجل قوم عِنْد الْعَصْر فتوضؤوا وهم عِجَال فَانْتَهَيْنَا إِلَيْهِم وَأَعْقَابُهُمْ تَلُوحُ لَمْ يَمَسَّهَا الْمَاءُ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «وَيْلٌ لِلْأَعْقَابِ من النَّار أَسْبغُوا الْوضُوء» . رَوَاهُ مُسلم

🍁 *तर्जुमा :-* अब्दुल्लाह बिन उमर रज़ियल्लाहू अन्हुमा बयान करते हैं, हम अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ मक्का से मदीना वापस आ रहे थे यहाँ तक कि हम रास्ते में पानी के पास से गुज़रे, कुछ लोगो ने अस्र की नमाज़ के लिए जल्दी की, तो उन्होंने जल्दी में वुज़ू किया। जब हम उनके पास पहुँचें तो देखा कि उनकी एड़िया (सूखी होने की वजह से) चमक रही थी, इन तक पानी नहीं पहुंचा था, तो अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया: “एड़ियो के लिए जहन्नम की आग है, वुज़ू खूब अच्छी तरह मुकम्मल करो”।

📚 *[मुस्लिम (570), मिशकातुल मसाबीह (398)]*

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Saturday, January 23, 2021

Wuzu Ka Tareeqa (वुज़ू का तरीक़ा)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَفِي الْمُتَّفَقِ عَلَيْهِ: قِيلَ لِعَبْدِ اللَّهِ بْنِ زَيْدِ بْنِ عَاصِمٍ: تَوَضَّأْ لَنَا وُضُوءَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَدَعَا بِإِنَاءٍ فَأَكْفَأَ مِنْهُ عَلَى يَدَيْهِ فَغَسَلَهُمَا ثَلَاثًا ثُمَّ أَدْخَلَ يَدَهُ فَاسْتَخْرَجَهَا فَمَضْمَضَ وَاسْتَنْشَقَ مِنْ كَفٍّ وَاحِدَةٍ فَفَعَلَ ذَلِكَ ثَلَاثًا ثُمَّ أَدْخَلَ يَدَهُ فَاسْتَخْرَجَهَا فَغَسَلَ وَجْهَهُ ثَلَاثًا ثُمَّ أَدْخَلَ يَدَهُ فَاسْتَخْرَجَهَا فَغَسَلَ يَدَيْهِ إِلَى الْمِرْفَقَيْنِ مَرَّتَيْنِ مَرَّتَيْنِ ثُمَّ أَدْخَلَ يَدَهُ فَاسْتَخْرَجَهَا فَمَسَحَ بِرَأْسِهِ فَأَقْبَلَ بِيَدَيْهِ وَأَدْبَرَ ثُمَّ غَسَلَ رِجْلَيْهِ إِلَى الْكَعْبَيْنِ ثُمَّ قَالَ هَكَذَا كَانَ وُضُوءُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
وَفِي رِوَايَةٍ: فَأَقْبَلَ بِهِمَا وَأَدْبَرَ بَدَأَ بِمُقَدَّمِ رَأْسِهِ ثُمَّ ذَهَبَ بِهِمَا إِلَى قَفَاهُ ثُمَّ رَدَّهُمَا حَتَّى رَجَعَ إِلَى الْمَكَانِ الَّذِي بَدَأَ مِنْهُ ثُمَّ غَسَلَ رجلَيْهِ
وَفِي رِوَايَة: فَمَضْمض واستنشق واستنثر ثَلَاثًا بِثَلَاث غَرَفَاتٍ مِنْ مَاءٍ
وَفِي رِوَايَةٍ أُخْرَى: فَمَضْمَضَ وَاسْتَنْشَقَ مِنْ كَفَّةٍ وَاحِدَةٍ فَفَعَلَ ذَلِكَ ثَلَاثًا
وَفِي رِوَايَةٍ لِلْبُخَارِيِّ: فَمَسَحَ رَأْسَهُ فَأَقْبَلَ بِهِمَا وَأَدْبَرَ مَرَّةً وَاحِدَةً ثُمَّ غَسَلَ رِجْلَيْهِ إِلَى الْكَعْبَيْنِ
وَفِي أُخْرَى لَهُ: فَمَضْمَضَ وَاسْتَنْثَرَ ثَلَاثَ مَرَّات من غرفَة وَاحِدَة

🍁 *तर्जुमा :-* और सहीहैन में है की अब्दुल्लाह बिन ज़ैद बिन आसिम रज़ियल्लाहू अन्हु से कहा गया कि हमें रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का वुज़ू करके दिखाइए, तो उन्होंने पानी का एक बर्तन मंगवाया और उसमें से कुछ पानी अपने हाथो पर उंडेला और उन्हें तीन मर्तबा धोया, फिर अपने हाथ को पानी के बर्तन में डाला और उसमें पानी लेकर एक ही चुल्लू से कुल्ली की और नाक में पानी डाला, उन्होंने यह तीन मर्तबा किया, फिर उन्होंने अपना हाथ बर्तन में डाल कर इससे पानी निकाला और तीन मर्तबा अपना चेहरा धोया, फिर अपना हाथ बर्तन में डाला और पानी निकाल कर दो दो मर्तबा हाथो को कहोनियो समेत धोया, फिर अपना हाथ बर्तन में डाल कर इससे और पानी निकाल कर अपने सर का मसाह किया, अपने हाथो को आगे ले गए और वापस लाए, फिर उन्होंने टख़नो तक पाँव धोए, फिर उन्होंने फ़रमाया: रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का वुज़ू इसी तरह था। एक रिवायत में है सर का मसाह करते वक़्त हाथो को सर की अगली तरफ़ से गुद्दी तक ले गए और फिर उन्हे वहीँ वापस ले आए जहाँ से शुरू किया था, फिर अपने दोनों पाँव धोए। एक दूसरी रिवायत में है: आपने तीन मर्तबा कुल्ली की, नाक में पानी डाला और नाक झाड़ी और ऐसा तीन चुल्लू पानी के साथ किया। एक और रिवायत में है: आपने एक चुल्लू के साथ ही कुल्ली की और नाक में पानी डाला और आपने ऐसा तीन मर्तबा किया। बुख़ारी की रिवायत में है: आपने सर का मसाह किया, आप हाथो को आगे ले गए और वापस लाए, आपने यह एक मर्तबा किया, फिर आपने टख़नो तक दोनों पाँव धोए और बुख़ारी की दूसरी रिवायत में है: आपने एक ही चुल्लू से तीन मर्तबा कुल्ली की और नाक झाड़ी।

📚 *[मुत्तफ़िक़ अलैह, बुख़ारी (185,186,191,192,199), मुस्लिम (555), मिशकातुल मसाबीह (394)]*

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Friday, January 22, 2021

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَنْهُ قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «إِذَا اسْتَيْقَظَ أَحَدُكُمْ مِنْ مَنَامه فليستنثر ثَلَاثًا فَإِن الشَّيْطَان يبيت على خيشومه»

🍁 *तर्जुमा :-* अबू हुरैरा रज़ियल्लाहू अन्हु बयान करते हैं, अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: “जब तुममें से कोई शख़्स नींद से जाग कर वुज़ू करे तो वो तीन मर्तबा नाक झाड़े, क्यूंकि शैतान इसकी नाक में रात बसर करता है”।

📚 *[मुत्तफ़िक़ अलैह, बुख़ारी (3295), मुस्लिम (564), मिशकातुल मसाबीह (392)]*

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Thursday, January 21, 2021

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «إِذَا اسْتَيْقَظَ أَحَدُكُمْ مِنْ نَوْمِهِ فَلَا يَغْمِسْ يَدَهُ فِي الْإِنَاءِ حَتَّى يَغْسِلَهَا فَإِنَّهُ لَا يَدْرِي أَيْنَ بَاتَتْ يَدُهُ»

🍁 *तर्जुमा :-* अबू हुरैरा रज़ियल्लाहू अन्हु बयान करते हैं, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: “जब तुममें से कोई नींद से जागे हो तो वो अपना हाथ बर्तन में ना डाले यहाँ तक कि इसे तीन मर्तबा धो ले, क्यूंकि वो नहीं जानता कि इसके हाथ ने रात कहाँ गुज़ारी है”।

📚 *[मुत्तफ़िक़ अलैह, बुख़ारी (162), मुस्लिम (643), मिशकातुल मसाबीह (391)]*

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Wednesday, January 20, 2021

Miswak Ki Fazeelat (मिस्वाक की फ़ज़ीलत)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَنْ أَنَسٍ قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «لَقَدْ أَكْثَرْتُ عَلَيْكُمْ فِي السِّوَاك» رَوَاهُ البُخَارِيّ

🍁 *तर्जुमा :-* अनस रज़ियल्लाहू अन्हु बयान करते हैं, अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: “मैंने तुम्हें मिस्वाक के बारे में बहुत मर्तबा कहा है”। 

📚 *[बुखा़री (888), मिशकातुल मसाबीह (387)]*

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Tuesday, January 19, 2021

Bade Shakhs Ko Miswak Dene Ka Bayan (बड़े शख़्स को मिस्वाक देने का बयान)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* عَنِ ابْنِ عُمَرَ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ: أَرَانِي فِي الْمَنَامِ أَتَسَوَّكُ بِسِوَاكٍ فَجَاءَنِي رَجُلَانِ أَحَدُهُمَا أَكْبَرُ مِنَ الْآخَرِ فَنَاوَلْتُ السِّوَاكَ الْأَصْغَرَ مِنْهُمَا فَقِيلَ لي: كبر فَدَفَعته إِلَى الْأَكْبَر مِنْهُمَا  

🍁 *तर्जुमा :-* इब्ने उमर रज़ियल्लाहू अन्हुमा से रिवायत है कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: “मैंने अपने आपको ख़्वाब में मिस्वाक करते हुए देखा तो इस दौरान दो आदमी मेरे पास आए, उनमें से एक दुसरे से बड़ा था, मैंने उनमें से छोटे को मिस्वाक दे दिया, तो मुझे कहा गया: बड़े को दो, तो मैंने बड़े को दे दिया”।

📚 *[मुत्तफ़िक़ अलैह, बुख़ारी (246), मुस्लिम (5933), मिशकातुल मसाबीह (385)]*

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Monday, January 18, 2021

Miswak Dhone Ka Bayan (मिस्वाक धोने का बयान)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَنْهَا قَالَتْ: كَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَسْتَاكُ فَيُعْطِينِي السِّوَاكَ لِأَغْسِلَهُ فَأَبْدَأُ بِهِ فَأَسْتَاكُ ثُمَّ أَغْسِلُهُ وَأَدْفَعُهُ إِلَيْهِ. رَوَاهُ أَبُو دَاوُد

🍁 *तर्जुमा :-* आयशा रज़ियल्लाहू अन्हा बयान करती हैं, नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मिस्वाक किया करते थे, फिर आप मिस्वाक मुझे दे देते ताकि मैं इसे धो दूँ तो मैं धोने से पहले खुद मिस्वाक करती, फिर इसे धो कर आपको लौटा देती”।

📚 *[हसन, अबू दावुद (53), मिशकातुल मसाबीह (384)]*

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Sunday, January 17, 2021

Miswak Allah Ki Raza Ka Zariya (मिस्वाक अल्लाह की रज़ा का ज़रिया)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «السِّوَاكُ مَطْهَرَةٌ لِلْفَمِ مَرْضَاةٌ لِلرَّبِّ» . رَوَاهُ الشَّافِعِيُّ وَأَحْمَدُ وَالدَّارِمِيُّ وَالنَّسَائِيُّ وَرَوَاهُ البُخَارِيّ فِي صَحِيحه بِلَا إِسْنَاد

🍁 *तर्जुमा :-* आयशा रज़ियल्लाहू अन्हा बयान करती हैं, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: “मिस्वाक मुंह को साफ़ करने वाली और रब की रज़ामंदी का ज़रिया है”। शाफ़ई, अहमद, दारमी, नसाई और इमाम बुख़ारी ने इसे अपने सहीह में मुअल्लक बयान किया है।

📚 *[सहीह, अश-शाफ़ई फ़िल उम (1/23), मुसनद अहमद (24707), दारमी (690), नसाई (5), बुख़ारी (1934 हदीस से पहले मुअल्लकन), मिशकातुल मसाबीह (381)]*

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Saturday, January 16, 2021

Fitri Khoobiyan (फ़ितरी खूबियाँ)

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🍁 *حدیث:-* وَعَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا قَالَتْ: قَالَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: عَشْرَ مِنَ الْفِطْرَةِ: قَصُّ الشَّارِبِ وَإِعْفَاءُ اللِّحْيَةِ وَالسِّوَاكُ وَاسْتِنْشَاقُ الْمَاءِ وَقَصُّ الْأَظْفَارِ وَغَسْلُ الْبَرَاجِمِ وَنَتْفُ الْإِبِطِ وَحَلْقُ الْعَانَةِ وَانْتِقَاصُ الْمَاءِ)
يَعْنِي الِاسْتِنْجَاءَ - قَالَ الرَّاوِي: ونسيت الْعَاشِرَة إِلَّا أَن تكون الْمَضْمَضَة. رَوَاهُ مُسلم

🍁 *तर्जुमा :-* आयशा रज़ियल्लाहू अन्हा बयान करती हैं, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: “दस ख़ूबियाँ फ़ितरत से हैं: मूंछें कतरना, दाढ़ी बढ़ाना, मिस्वाक करना, नाक में पानी झाड़ना, नाख़ून कतरना, उंगलियों के जोड़ धोना, बगलों के बाल उखेड़ना, नाफ़ की नीचे के बाल मूंडना और इस्तिंजा करना, रावी बयान करते हैं, दसवी ख़ूबी मैं भूल गया हूँ, मुमकिन है कि कुल्ली करना हो।

📚 *[मुस्लिम (604), मिशकातुल मसाबीह (379)]*

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Friday, January 15, 2021

Aadmi Raat Ko Uthe To Miswak Kare (आदमी रात को उठे तो मिस्वाक नमस्ते करे)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَنْ حُذَيْفَةَ قَالَ: كَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا قَامَ لِلتَّهَجُّدِ مِنَ اللَّيْلِ يَشُوصُ فَاهُ بِالسِّوَاكِ

🍁 *तर्जुमा :-* हुज़ैफ़ा रज़ियल्लाहू अन्हु बयान करते हैं, जब नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रात में तहज्जुद के लिए उठते, तो आप मिस्वाक से अपने मुंह को साफ़ करते।

📚 *[मुत्तफ़िक़ अलैह, बुख़ारी (245), मुस्लिम (593), मिशकातुल मसाबीह (378)]*

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Thursday, January 14, 2021

Miswak Karne Ka Bayan (मिस्वाक करने का बयान)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَن شُرَيْح بن هَانِئ قَالَ: سَأَلْتُ عَائِشَةَ: بِأَيِّ شَيْءٍ كَانَ يَبْدَأُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا دخل بَيته؟ قَالَت: بِالسِّوَاكِ. رَوَاهُ مُسلم

🍁 *तर्जुमा :-* शुरैह बिन हानी रहमतुल्लाह अलैह बयान करते हैं, मैंने आयशा रज़ियल्लाहू अन्हा से पूछा, जब अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम घर तशरीफ़ लाते, तो आप सबसे पहले कौन सा काम किया करते थे? उन्होंने ने फ़रमाया: मिस्वाक। 

📚 *[मुस्लिम (589), मिशकातुल मसाबीह (377)]*

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Wednesday, January 13, 2021

Miswak Karna (मिस्वाक करना)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃
🍁 *حدیث:-* عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «لَوْلَا أَنْ أَشُقَّ عَلَى أُمَّتِي لَأَمَرْتُهُمْ بِتَأْخِيرِ الْعشَاء وبالسواك عِنْد كل صَلَاة»

🍁 *तर्जुमा :-* अबू हुरैरा रज़ियल्लाहू अन्हु बयान करते हैं, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: “अगर मुझे अपनी उम्मत पर मशक़्क़त का डर ना होता तो मैं उन्हें इशा की नमाज़ देर से पढ़ने और हर नमाज़ के साथ मिस्वाक करने का हुक्म देता।

📚 *[मुत्तफ़िक़ अलैह, बुख़ारी (887), मुस्लिम (589), मिशकातुल मसाबीह (376)]*

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https://authenticmessages.blogspot.com/2021/01/miswak-karna.html

Tuesday, January 12, 2021

Rasoolullah Sallaahu Alaihi Wasallam Ne Har Choti Badi Cheez Ki Taleem Di (रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने हर छोटी बड़ी चीज़ की तालीम दी)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃
🍁 *حدیث:-* وَعَن سلمَان قَالَ قَالَ لَهُ بعض الْمُشْركين وَهُوَ يستهزئ بِهِ إِنِّي لأرى صَاحبكُم يعلمكم كل شَيْء حَتَّى الخراءة قَالَ أَجَلْ أَمَرَنَا أَنْ لَا نَسْتَقْبِلَ الْقِبْلَةَ وَلَا نَسْتَنْجِيَ بِأَيْمَانِنَا وَلَا نَكْتَفِيَ بِدُونِ ثَلَاثَةِ أَحْجَارٍ لَيْسَ فِيهَا رَجِيعٌ وَلَا عَظْمٌ. رَوَاهُ مُسْلِمٌ وَأحمد وَاللَّفْظ لَهُ

🍁 *तर्जुमा :-* सलमान रज़ियल्लाहू अन्हु बयान करते हैं, किसी मुशरिक ने मज़ाक़ में कहा: मेरा ख़याल है की तुम्हारा साथी (रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) तुम्हें पेशाब व पाख़ाने के आदाब भी सिखाता है? मैंने कहा: हाँ, बिल्कुल ठीक है। आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने हमें हुक्म दिया है कि हम पेशाब व पाख़ाने के वक़्त क़िब्ले की तरफ़ मुंह न करे और ना दाए हाथ से इस्तिंजा करे और हम (इस्तिंजा के लिए) तीन ढ़ेलों से कम इस्तेमाल ना करें और उनमें गोबर और हड्डी ना हो”। इसे मुस्लिम और अहमद ने रिवायत किया है, ज़िक्र कियह हुए अल्फाज़ अहमद के हैं।

📚 *[मुस्लिम (606), मिशकातुल मसाबीह (370)]*

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Monday, January 11, 2021

Baitul khla Se Bahar Aakar Kya Padhe (बैतुल ख़ला से बाहर आकर क्या पढ़ें)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَنْ عَائِشَةَ قَالَتْ: كَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا خَرَجَ مِنَ الْخَلَاءِ قَالَ *«غفرانك»* . رَوَاهُ التِّرْمِذِيّ وَابْن مَاجَه والدارمي

🍁 *तर्जुमा :-* आयशा रज़ियल्लाहू अन्हा बयान करती हैं, जब नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बैतुल ख़ला से बाहर तशरीफ़ लाते, तो यह दुआ: ((غفرانک)) “मैं तेरी मग़फ़िरत चाहता हूँ” पढ़ा करते थे।

📚 *[इसकी सनद सहीह है, तिरमिज़ी (7), इब्ने माजा (300), दारमी (686), अबू दावूद (30), मिशकातुल मसाबीह (359)]*

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Sunday, January 10, 2021

Pani Se Istinja Karna (पानी से इस्तिंजा करना)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَنْ أَنَسٍ قَالَ: كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَدْخُلُ الْخَلَاءَ فَأَحْمِلُ أَنَا وَغُلَامٌ إِدَاوَةً مِنْ مَاءٍ وَعَنَزَةً يستنجي بِالْمَاءِ

🍁 *तर्जुमा :-* अनस रज़ियल्लाहू अन्हु बयान करते हैं, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बैतुल ख़ला में जाते तो मैं और एक दूसरा लड़का पानी का बर्तन और बरछी उठाते और आप पानी से इस्तिंजा करते।

📚 *[मुत्तफ़िक़ अलैह, बुख़ारी (150), मुस्लिम (620), मिशकातुल मसाबीह (342)]*

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Saturday, January 9, 2021

Wuzu Mein Nak Saaf Karna (वुज़ू में नाक साफ़ करना)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ: (قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: مَنْ تَوَضَّأَ فَلْيَسْتَنْثِرْ وَمَنِ اسْتَجْمَرَ فليوتر 

🍁 *तर्जुमा :-* अबू हुरैरा रज़ियल्लाहू अन्हु बयान करते हैं, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: जो शख़्स वुज़ू करे तो वो नाक झाड़े और जो ढ़ेलों से इस्तिंजा करे तो वो ढ़ेले विषम संख्या में ले। 

📚 *[मुत्तफ़िक़ अलैह, बुख़ारी (161), मुस्लिम (562), मिशकातुल मसाबीह (341)]*

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Friday, January 8, 2021

Dayein Hath Se Istinja Karne Ki Mumaniat (दाएं हाथ से इस्तिनजा करने की मुमानिअत)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَنْ أَبِي قَتَادَةَ قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسلم: «إِذا شرب أحدكُم فَلَا ينتنفس فِي الْإِنَاءِ وَإِذَا أَتَى الْخَلَاءَ فَلَا يَمَسَّ ذَكَرَهُ بِيَمِينِهِ وَلَا يَتَمَسَّحْ بِيَمِينِهِ»

🍁 *तर्जुमा :-* अबू क़तादा रज़ियल्लाहू अन्हु बयान करते हैं, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: “जब तुममें से कोई शख़स कोई चीज़ पीयह तो वो बर्तन में सांस न ले और जब बैतुल ख़ला में जाए तो अपने दाए हाथ से अपनी शर्मगाह को न छुए और न दाए हाथ से इस्तिंजा करे।

📚 *[मुत्तफ़िक़ अलैह, बुख़ारी (153), मुस्लिम (613), मिशकातुल मसाबीह (340)]*

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Thursday, January 7, 2021

Apne Peshab Se Ahtiyat Na Karna Kabeera Gunah Hai (अपने पेशाब से ऐहतियात न करना कबीरा गुनाह है)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَ مَرَّ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِقَبْرَيْنِ فَقَالَ إِنَّهُمَا لَيُعَذَّبَانِ وَمَا يُعَذَّبَانِ فِي كَبِيرٍ أَمَّا أَحدهمَا فَكَانَ لَا يَسْتَتِرُ مِنَ الْبَوْلِ - وَفِي رِوَايَةٍ لمُسلم: لَا يستنزه مِنَ الْبَوْلِ - وَأَمَّا الْآخَرُ فَكَانَ يَمْشِي بِالنَّمِيمَةِ ثمَّ أَخذ جَرِيدَة رطبَة فَشَقهَا نِصْفَيْنِ ثُمَّ غَرَزَ فِي كُلِّ قَبْرٍ وَاحِدَةً قَالُوا يَا رَسُول الله لم صنعت هَذَا قَالَ لَعَلَّه يُخَفف عَنْهُمَا مَا لم ييبسا

🍁 *तर्जुमा :-* इब्ने अब्बास रज़ियल्लाहू अन्हुमा बयान करते हैं, नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम दो क़बरो के पास से गुज़रे, तो फ़रमाया: “इन दोनों को अज़ाब दिया जा रहा है और उन्हें किसी बड़े गुनाह की वजह से अज़ाब नहीं दिया जा रहा है, उनमें से एक पेशाब करते वक़्त परदा नहीं किया करता था और मुस्लिम की रिवायत में है: पेशाब करते वक़्त एहतियात नहीं किया करता था, जबकि दूसरा शख़्स चुगलख़ोर था”। फिर आपने एक ताज़ा शाख़ लेकर उसके दो टुकड़े कर दिए, फिर हर क़ब्र पर एक टुकड़ा गाड़ दिया, सहाबा ने अर्ज़ किया: अल्लाह के रसूल! आपने यह क्यों किया? आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: “मुमकिन है इनके ख़ुश्क होने तक उनके अज़ाब में कमी कर दी जाए”।

📚 *[मुत्तफ़िक़ अलैह, बुख़ारी (216), मुस्लिम (677), मिशकातुल मसाबीह (338)]*

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Wednesday, January 6, 2021

Baitul Khala Mein Jate Waqt Kya Padhna Chahiye (बैतुल ख़ला में जाते वक़्त क्या पढ़ना चाहिए)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَنْ أَنَسٍ قَالَ: كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا دَخَلَ الْخَلَاءَ يَقُولُ: *«اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْخبث والخبائث»*

🍁 *तर्जुमा :-* अनस रज़ियल्लाहू अन्हु बयान करते हैं, जब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बैतूलख़ला में दाख़िल होते, तो फरमाते: “ऐ अल्लाह! मैं नापाक जिन्नों और नापाक मादा जिन्नातो से तेरी पनाह चाहता हूँ ।

📚 *[मुत्तफ़िक़ अलैह, बुख़ारी (142), मुस्लिम (831), मिशकातुल मसाबीह (337)]*

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Tuesday, January 5, 2021

Dayein Hath Se, Teen Se Kam Dhelo Se, Leed Ya Haddi Ke Sath Istinja Karne Ki Mumaniat (दाएं हाथ से, तीन से कम ढेलों से, लीद या हड्डी के साथ इस्तिनजा करने की मुमानिअत)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَن سلمَان قَالَ: نَهَانَا يَعْنِي رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنْ نَسْتَقْبِلَ الْقِبْلَةَ لِغَائِطٍ أَوْ بَوْل أَو أَن نستنتجي بِالْيَمِينِ أَوْ أَنْ نَسْتَنْجِيَ بِأَقَلَّ مِنْ ثَلَاثَةِ أَحْجَارٍ أَوْ  أَنْ نَسْتَنْجِيَ بِرَجِيعٍ أَوْ بِعَظْمٍ. رَوَاهُ مُسلم

🍁 *तर्जुमा :-* सलमान रज़ियल्लाहू अन्हु बयान करते हैं, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अपनी हाजत पूरी (पेशाब व पख़ाना) करते वक़्त क़िब्ले की तरफ मुंह करने या दाए हाथ से इस्तिंजा करने या तीन से कम ढ़ेलों से इस्तिंजा करने या गोबर या हड्डी के साथ इस्तेंजा करने से हमें मना फ़रमाया।

📚 *[मुस्लिम (606), मिशकातुल मसाबीह (336)]*

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Monday, January 4, 2021

Sehra Mein Qible Rukh Hokar Qaza e Hajat Karne Ki Mumaniat (सहरा में क़िब्ले रुख़ होकर क़ज़ा ए हाजत करने की मुमानिअत)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* عَنْ أَبِي أَيُّوبَ الْأَنْصَارِيِّ قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «إِذَا أَتَيْتُمُ الْغَائِطَ فَلَا تَسْتَقْبِلُوا الْقِبْلَةَ وَلَا تَسْتَدْبِرُوهَا وَلَكِنْ شَرِّقُوا أَوْ غَرِّبُوا»
قَالَ الشَّيْخ الإِمَام محيي السّنة: هَذَا الْحَدِيثُ فِي الصَّحْرَاءِ وَأَمَّا فِي الْبُنْيَانِ فَلَا بَأْس لما رُوِيَ:

🍁 *तर्जुमा :-* अबू अय्यूब अंसारी रज़ियल्लाहू अन्हु बयान करते हैं, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: “जब तुम बैतूल ख़ला में जाओ, तो क़िब्ले की तरफ न मुंह करो और न पीठ, बल्कि पूरब या पश्चिम की तरफ मुंह करो”।
शेख़ुल इमाम मुह्युस्सुन्नाह रहमतुल्लाह अलैह ने फ़रमाया: यह हदीस जंगल में है, रहा घर या इमारत आदि में कोई हरज नहीं, जैसा कि अब्दुल्लाह बिन उमर रज़ियल्लाहू अन्हु से मरवी है।

📚 *[ मुत्तफ़िक़ अलैह, बुख़ारी (394), मुस्लिम (609), मिशकातुल मसाबीह (334)]*

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Sunday, January 3, 2021

Sharmgah Ko Bina Hijab Choone Se Wuzu Tootna (शर्मगाह को बिना हिजाब छूने से वुज़ू टूटना)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَن بسرة قَالَتْ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «إِذَا مَسَّ أَحَدُكُمْ ذَكَرَهُ فَلْيَتَوَضَّأْ» . رَوَاهُ مَالِكٌ وَأَحْمَدُ وَأَبُو دَاوُدَ وَالتِّرْمِذِيُّ وَالنَّسَائِيُّ وَابْنُ مَاجَه والدارمي

🍁 *तर्जुमा :-* बुसरा रज़ियल्लाहू अन्हा बयान करती हैं, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: “जब तुममें से कोई अपनी शर्मगाह को हाथ लगाए तो वो वुज़ू करे”।

📚 *[ सहीह, मालिक (88), मुसनद अहमद (407,27836 -27838), अबू दावुद (181), तिरमिज़ी (82), नसाई (163), इब्ने माजा (479),दारमी (730), मिशकातुल मसाबीह (319)]*

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Saturday, January 2, 2021

Wuzu Ki Farziyat (वुज़ू की फ़रज़ियत)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَنْهُ قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسلم: «مِفْتَاحُ الصَّلَاةِ الطُّهُورُ وَتَحْرِيمُهَا التَّكْبِيرُ وَتَحْلِيلُهَا التَّسْلِيمُ» . رَوَاهُ أَبُو دَاوُد وَالتِّرْمِذِيّ والدارمي

🍁 *तर्जुमा :-* अली रज़ियल्लाहू अन्हु बयान करते हैं, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: “तहारत नमाज़ की चाबी, तकबीर (अल्लाहुअकबर) इसकी तहरीम (इस तकबीर से नमाज़ शुरू करने से पहले जो काम मुबाह थे वो हराम हो जाते है) और तस्लीम (अस्सलामुअलैकुम वाराह्मतुल्लाह) इसकी तहलील है”। ( यानी सलाम फेरने से नमाज़ की सूरत में हराम होने वाले काम हलाल हो जाते हैं)।

📚 *[हसन, अबू दावुद (61), तिरमिज़ी (3), दारमी (693), इब्ने माजा (275) , मिशकातुल मसाबीह (312)]*

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Friday, January 1, 2021

Doodh Peene Ke Baad Kulli Karna (दूध पीने के बाद कुल्ली करना)

🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃
🍁 *حدیث:-* وَعَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ قَالَ: إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ شَرِبَ لَبَنًا فَمَضْمَضَ وَقَالَ: «إِنَّ لَهُ دسما»

🍁 *तर्जुमा :-* अब्दुल्लाह बिन अब्बास रज़ियल्लाहू अन्हुमा बयान करते हैं, कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने दूध पिया, तो कुल्ली की और फ़रमाया: “इसमें चिकनाहट होती है”।

📚 *[ मुत्तफ़िक़ अलैह, बुख़ारी (211), मुस्लिम (798), मिशकातुल मसाबीह (307)]*

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Tafseer Dawat ul Quran (Hindi Translation) Part 8

 أَعـــــــــــــــــــــــوذ بالله من الشيطان الرجيم● 🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃 📒 तफ़सीर दावतुल क़ुरआन 📒 ✒️ लेख़क: अ...