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Saturday, December 26, 2020
Zewar Wahan Tak Pahunchega Jahan Tak Wuzu Ka Pani Pahunchega (ज़ेवर वहाँ तक पहुंचेगा जहां तक वुज़ू का पानी पहुंचेगा)
Friday, December 25, 2020
Wuzu Ki Fazeelat ( वुज़ू की फ़ज़ीलत)
Wednesday, December 23, 2020
Wuzu Ke Baad Mustahab Zikr (वुज़ू के बाद मुस्तहब ज़िक्र)
🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃
🍁 *حدیث:-* وَعَنْ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: مَا مِنْكُمْ مِنْ أَحَدٍ يَتَوَضَّأُ فَيُبْلِغُ أَوْ فَيُسْبِغُ الْوُضُوءَ ثُمَّ يَقُولُ: *أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَأَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ* وَفِي رِوَايَةٍ: *أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ* إِلَّا فُتِحَتْ لَهُ أَبْوَابُ الْجَنَّةِ الثَّمَانِيَةُ يَدْخُلُ مِنْ أَيِّهَا شَاءَ
🍁 *तर्जुमा :-* उमर बिन ख़त्ताब रज़ियल्लाहू अन्हु बयान करते हैं, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: “तुममें से जो शख़्स वुज़ू करता है और अच्छी तरह पूरी वुज़ू करता है, फिर कहता है: *मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई माबूद ए बरहक़ नहीं और यह की मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उसके बन्दे और उसके रसूल हैं*। और एक दूसरी रिवायत में है: *“मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई माबूद ए बरहक़ नहीं वो अकेला है, उसका कोई शरीक नहीं और मैं गवाही देता हूँ कि मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उसके बन्दे और उसके रसूल हैं*, तो उसके लिए जन्नत के आठों दरवाज़े खोल दिए जाते हैं, वो जिससे चाहे दाख़िल हो जाए”।
📚 *[मुस्लिम (553), मिशकातुल मसाबीह (289)]*
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Tuesday, December 22, 2020
Wuzu Ka Tareeqa (वुज़ू का तरीक़ा)
🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃
🍁 *حدیث:-* وَعَنْهُ أَنَّهُ تَوَضَّأَ فَأَفْرَغَ عَلَى يَدَيْهِ ثَلَاثًا ثُمَّ تَمَضْمَضَ وَاسْتَنْثَرَ ثُمَّ غَسَلَ وَجْهَهُ ثَلَاثًا ثُمَّ غَسَلَ يَدَهُ الْيُمْنَى إِلَى الْمِرْفَقِ ثَلَاثًا ثُمَّ غَسَلَ يَدَهُ الْيُسْرَى إِلَى الْمِرْفَقِ ثَلَاثًا ثُمَّ مَسَحَ بِرَأْسِهِ ثُمَّ غَسَلَ رِجْلَهُ الْيُمْنَى ثَلَاثًا ثُمَّ الْيُسْرَى ثَلَاثًا ثُمَّ قَالَ: رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَوَضَّأَ نَحْوَ وُضُوئِي هَذَا ثُمَّ قَالَ: «مَنْ تَوَضَّأَ وُضُوئِي هَذَا ثُمَّ يُصَلِّي رَكْعَتَيْنِ لَا يُحَدِّثُ نَفسه فيهمَا بِشَيْء إِلَّا غفر لَهُ مَا تقدم من ذَنبه» . وَلَفظه للْبُخَارِيّ
🍁 *तर्जुमा :-* उस्मान रज़ियल्लाहू अन्हु से रिवायत है कि उन्होंने वुज़ू किया तो तीन मर्तबा अपने हाथो पर पानी डाला, फिर कुल्ली की और नाक झाड़ी, फिर तीन बार अपना चेहरा धोया, फिर तीन मर्तबा कोहनी समेत अपना दायाँ हाथ धोया, फिर तीन मर्तबा कोहनी समेत अपना बायाँ हाथ धोया, फिर अपने सर का मसाह किया, फिर तीन मर्तबा अपना दायाँ पाँव धोया, फिर तीन मर्तबा बायाँ, फिर फ़रमाया: मैंने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को देखा, आपने मेरे इस वुज़ू की तरह वुज़ू किया। फिर फ़रमाया: “जो शख़्स मेरे इस वुज़ू की तरह वुज़ू करता है, फिर दो रकातें पढ़ता है और वो इस दौरान अपने दिल में किसी क़िस्म का ख़याल ना लाया तो उसके पिछले गुनाह बख़्श दिये जाते हैं। बुख़ारी, मुस्लिम, हदीस के अल्फाज़ बुख़ारी के हैं।
📚 *[मुत्तफ़िक़ अलैह, बुख़ारी (1934), मुस्लिम (538), मिशकातुल मसाबीह (287)]*
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Monday, December 21, 2020
Wuzu Ki Fazeelat (वुज़ू की फ़ज़ीलत)
Sunday, December 20, 2020
Khataye Maaf Karne Wale Aur Darjat Buland Karne Wale Kaam (ख़तायें माफ़ करने के वाले और दर्जात बुलंद करने वाले काम)
🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃
Saturday, December 19, 2020
Pakeezgi Aadha Iman Hai (पाकीज़गी आधा ईमान है)
Friday, December 18, 2020
Ilm Na Hone Par Bewajah Takalluf Karne Se Bachna (इल्म न होने पर बेवजह तकल्लुफ़ करने से बचना)
Thursday, December 17, 2020
Hadees Yaad Karke Use Aage Pahunchane wale Shaksh ki Fazeelat (हदीस याद करके उसे आगे पहुँचाने वाले शख़्स की फ़ज़ीलत)
Wednesday, December 16, 2020
Gair ullah ke liye ilm hasil karne ki mazammat (ग़ैरुल्लाह के लिए इल्म हासिल करने की मज़म्मत)
🍁 *حدیث:-* وَعَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «مَنْ تَعَلَّمَ عِلْمًا مِمَّا يُبْتَغَى بِهِ وَجْهُ اللَّهِ لَا يَتَعَلَّمُهُ إِلَّا لِيُصِيبَ بِهِ عَرَضًا مِنَ الدُّنْيَا لَمْ يَجِدْ عَرْفَ الْجَنَّةِ يَوْمَ الْقِيَامَةِ» يَعْنِي رِيحَهَا. رَوَاهُ أَحْمَدُ وَأَبُو دَاوُدَ وَابْن مَاجَه
Tuesday, December 15, 2020
Ilm chupane ki mazammat (इल्म छुपाने की मज़म्मत)
Friday, November 13, 2020
Hadees in Hindi
Thursday, November 12, 2020
Hadees in Hindi
Wednesday, January 30, 2019
Hadees Hindi mein
*आज की हदीस*
सय्यदना जाबिर बिन अब्दुल्लाह रज़ियल्लाहू अन्हुमा बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: *“इब्लीस अपना तख़्त पानी पर रखता है, फ़िर अपनी फ़ौज का एक हिस्सा रवाना करता है, तो उनमें से मर्तबे के लिहाज़ से उसके सबसे ज़्यादा क़रीब वो होता है जो उनमें से सबसे बड़ा फ़ितना फैलाता है l उनमें से एक आता है और कहता है, मैंने यह किया वो किया l इब्लीस कहता है, तूने कुछ नहीं किया l फ़िर उनमें से कोई आता है और कहता है, मैंने आदमी को उस वक़्त तक नहीं छोड़ा जब तक कि उसके और उसकी बीवी के बीच जुदाई न करा दी, तो इब्लीस उसको अपने क़रीब करता है, उसे गले से लगाता है और कहता है, हाँ तूने (वाक़ई बहुत बड़ा) कारनामा किया l"*
*[मुस्लिम : 7106]*
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Tuesday, January 29, 2019
Hindi mein hadees
*आज की हदीस*
सय्यदना अली बिन हुसैन रज़ियल्लाहू अन्हुमा बयान करते हैं कि उम्मुल मोमिनीन सय्यदह साफिया रज़ियल्लाहू अन्हा ने उनको ख़बर दी कि वो रमज़ान के आख़िरी अशरे में जब रसूले करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एतिकाफ़ में बैठे हुए थे, आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मिलने मस्जिद में आयीं, थोड़ी देर तक बातें कीं, फ़िर वापस होने के लिए खड़ी हुयीं तो रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम भी उनके साथ खड़े हुए, जब मस्जिद के दरवाज़े के क़रीब पहुंचे, जहाँ उम्मुल मोमिनीन उम्मे सलमा रज़ियल्लाहू अन्हा का दरवाज़ा था, तो वहां दो अंसारी सहाबी मिले l उन्होंने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को सलाम किया और तेज़ी से आगे गुज़र गए, आपने फ़रमाया : *“ज़रा ठहर जाओ, यह (मेरी बीवी) सफ़िया बिन्ते हय्य हैं l”* वो कहने लगे, सुबहानल्लाह ! या रसूलुल्लाह ! आपका यह फ़रमाना उन पर भारी गुज़रा l आपने फ़रमाया : *“शैतान आदमी के जिस्म में ख़ून की तरह दौड़ता रहता है, मैं डरा कि कहीं तुम्हारे दिल में कोई वस्वसा न डाल देl”*
*[बुख़ारी : 2035, मुस्लिम : 5679]*
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Wednesday, August 29, 2018
Fazail e sahaba Hindi
*फ़ज़ाइले सहाबा*
सय्यदना आयशा रज़ियाल्लाहू अन्हा से रिवायत है कि लोगो को यह हुक्म दिया गया था कि वो मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सहाबा किराम रज़ियाल्लाहू अन्हुम के लिए बखशिश तलब करें, यह लोग उन्हें गालियाँ (बुरा भला कहते है) देते है l
*[मुस्सनफ़ इब्ने अबी शैबा : 32414, फ़ज़ाइले सहाबा लिअहमद बिन हंबल : 14, मुस्तदरक हाकिम : 3719, सनद सही]*
सिक़ा ताबई मैमून बिन महरान रहमतुल्लाह अलैहि ने फ़रमाया: तुम तीन बातो को छोड़ दो
(1) नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सहाबा किराम की तन्कीस करना l
(2) नजूमियो वाला कलाम करना l
(3) मसला तक़दीर में बहस करना l
*[ फ़ज़ाइले सहाबा लिअहमद बिन हंबल : 19, सनद सही]*
✅ *सही हदीस*✅
🔹 *फ़ज़ाइले सहाबा*🔹
हज़रत अबू हुरैरा रज़ियल्लाहू अन्हु से रिवायत है की, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: “मेरे सहाबा किराम को बुरा मत कहो, उस ज़ात की क़सम जिसके हाथ में मेरी जान है, अगर तुम में से कोई शख्स उहुद पहाड़ जितना सोना भी खर्च करे तो वह (सहाबा किराम) में से किसी एक के दिए हुए मुद बल्कि उस के आधे के बराबर भी (अज्र) नहीं पा सकेगा l
📚 *[सही मुस्लिम : 6487 सही बुख़ारी : 3673]*
सय्यदना अब्दुल्लाह बिन अबी ऊफा रज़ियाल्लाहू अन्हु से रिवायत है की सय्यदना अब्दुर रहमान बिन औफ़ रज़ियाल्लाहू अन्हु ने सय्यदना खालिद बिन वलीद रज़ियल्लाहू अन्हु का रसूलुल्लाह सल्लाल्ल्हू अलैहि वसल्लम से शिकायत की तो आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: ए खालिद! तुम एक बद्री को रंजीदा क्यों करते हो? अगर तुम उहुद पहाड़ के बराबर सोना भी खर्च कर दो फिर भी उनके एक अमल (के अज्र ओ सवाब) को नहीं पहुँच सकते l सय्यदना खालिद बिन वलीद रज़ियल्लाहू अन्हु ने अर्ज़ किया: अल्लाह के रसूल! वो मुझ से नुक्ता चीनी करते हैं, मैं तो बस उसका जवाब देता हूँ तो रसूलुल्लाह सल्लालाल्हू अलैहि ने इरशाद फ़रमाया: खालिद को रंज मत देना, क्यूंकि वो “सैफुल्लाह” (अल्लाह की तलवार) है जिसे अल्लाह ने कुफ्फार पर मुसल्लत किया है l
📚 *[फ़ज़ाइले सहाबा लिअहमद बिन हंबल : 13, सही इब्ने हिब्बान : 7091 सनद सही]*
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Tuesday, August 21, 2018
Qurbani ke mutalliq hadeese hindi
*रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया :*
जब ज़िबह करो तो अच्छे तरीक़े से ज़िबह करो, तुम में से एक शख्स (जो ज़िबह करना चाहता है) वो अपनी (छुरी की) धार को तेज़ कर ले और ज़िबह किए जाने वाले जानवर को तकलीफ़ से बचाए।
📚 *[सही मुस्लिम : 5055]*
*सय्यदना अब्दुल्लाह बिन अब्बास रज़ियल्लाहु अन्हु बयान करते हैं :* रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक ऐसे शख्स के पास से गुज़रे जो अपना पैर बकरी की गर्दन पर रखे हुए था और छुरी तेज़ कर रहा था और वो बकरी उसको देख रही थी, आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया : क्या तू इसको दो दफ़ा मारना चाहता है।
📚 *[मोअजमुल औसत : 3590, सनद सही]*
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Wednesday, August 8, 2018
Qayamat ki baaz nishaniya Part 25 Hindi
🔥 *क़यामत की कुछ निशानियाँ*🔥
2⃣5⃣ *पच्चीसवा भाग*
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: "जब मुल्क शाम वालो में ख़राबी पैदा हो जायेगी तो तुम में कोई अच्छाई बाक़ी नहीं रहेगी, मेरी उम्मत के एक गरोह को हमेशा अल्लाह की मदद हासिल रहेगी, उसकी मदद न करने वाले क़यामत तक उसे कोई नुक़सान नहीं पहुंचा सकेंगे l
📚 *(सुनन तिरमिज़ी : 2192, सनद सही)*
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: (दज्जाल से) लड़ाई के दिन मुसलमानों का पड़ाव गौता में होगा, जो उस शहर के एक तरफ़ है जिसे दमिश्क़ कहा जाता है, जो शाम के बेहतरीन शहरो में से है l
📚 *(सुनन अबू दावूद : 4298, सनद सही)*
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Qayamat ki baaz nishaniya Part 24 Hindi
🔥 *क़यामत की कुछ निशानियाँ*🔥
2⃣4⃣ *चौबीसवा भाग*
हज़रत अब्दुल्लाह बिन अम्र रज़ियल्लाहू अन्हु बयान करते हैं कि हम लोग रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास बैठे थे आपने फ़ितनो के बारे में बारे में बहुत से फ़ितनो का ज़िक्र किया यहाँ तक कि फ़ितना अह्लास का भी ज़िक्र फ़रमाया तो एक शख्स ने अर्ज़ किया: अल्लाह के रसूल! फ़ितना अह्लास क्या है? आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: "वो ऐसी नफ़रत व दुशमनी और क़त्ल ओ ग़ारतगरी है कि इन्सान एक दुसरे से भागेगा और जंग करेगा, फ़िर इसके बाद फ़ितना सर्रा है जिस का फ़साद मेरे अहले बैत के एक शख्स के पैरो के नीचे से शुरू होगा, वह गुमान करेगा कि वो मुझ से हैं हालांकि वो मुझ से न होगा, मेरे औलियाँ तो वही हैं जो मुत्तकी हों, फ़िर लोग एक शख्स पर इत्तिफ़ाक कर लेंगे जैसे सुरीन (चूतर) एक पसली पर (यानी ऐसे शख्स पर इत्तिफ़ाक होगा जिस में इस्तिकामत न होगी जैसे सुरीन पहलु कि हड्डी पर सीधा नहीं होता) फ़िर फ़ितना दुहैमा (अँधेरे) का फ़ितना होगा जो इस उम्मत के हर शख्स को पहुँच कर रहेगा, जब कहा जायेगा कि फ़साद ख़त्म हो गया तो वो और भड़क उठेगा जिस में सुबह को आदमी मोमिन होगा, और शाम को काफ़िर हो जायेगा, यहाँ तक कि लोग दो ख़ेमो में बट जायेंगे, एक ख़ेमा अहले ईमान का होगा जिस में कोई मुनाफ़िक़ न होगा और एक ख़ेमाअहले निफ़ाक़ का जिस में कोई ईमानदार न होगा, तो जब ऐसा फ़ितना हो तो तुम उसी दिन या उस के दुसरे दिन से दज्जाल का इंतज़ार करने लग जाओ" l
📚 *(सुनन अबू दावूद : 4242, सनद सही)*
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: "उस ज़ात कि क़सम जिस के हाथ में मेरी जान है, वो ज़माना क़रीब है कि ईसा इब्ने मरयम अलैहिस्सलाम तुम्हारे दरमियान एक आदिल हाकिम की हैसियत से नाज़िल होंगे, वो सलीब को तोड़ देंगे, सुवर को मार डालेंगे और जिज़्या माफ़ कर देंगे, उस वक़्त माल की इतनी कसरत हो जाएगी कि कोई उसे लेने वाला नहीं मिलेगा l उस वक़्त का एक सज्दा दुनया और जो कुछ इसमें हैं से बढ़ कर होगा, फ़िर अबू हुरैरा रज़ियल्लाहू अन्हु ने कहा कि अगर तुम्हारा दिल चाहे तो यह आयत पढ़ लो وَإِنْ مِنْ أَهْلِ الْكِتَابِ إِلا لَيُؤْمِنَنَّ بِهِ قَبْلَ مَوْتِهِ وَيَوْمَ الْقِيَامَةِ يَكُونُ عَلَيْهِمْ شَهِيدً"और कोई अहले किताब ऐसा नहीं होगा जो ईसा की मौत से पहले उस पर ईमान न लाये और क़यामत के दिनवो उन पर गवाह होंगे"l
📚 *(सही बुख़ारी : 3448)*
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Wednesday, August 1, 2018
Qayamat ki baaz nishaniya Part 23 Hindi
🔥 *क़यामत की कुछ निशानियाँ*🔥
2⃣3⃣ *तेइस्वा भाग*
हज़रत अबू हुरैरा रज़ियल्लाहू अन्हु से रिवायत है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: "क़यामत नहीं आएगी यहाँ तक कि दरया फ़रात सोने के एक पहाड़ को ज़ाहिर करेगाl इस पर (लड़ते हुए) हर सौ में से निन्नानवे लोग मारे जायेंगे और उन (लड़ने वालो) में से हर कोई कहेगा, शायद मैं ही बच जाऊँगा (और सारे सोने का मालिक बन जाऊँगा)l"
📚 *(सही मुस्लिम: 7272)*
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: "अनक़रीब दरया फ़रात से सोने का एक खज़ाना निकलेगा तो जो कोई वहां मौजूद हो तो इसमें से कुछ न ले l"
📚 *(सही बुख़ारी : 7119, सही मुस्लिम: 7273)*
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Tafseer Dawat ul Quran (Hindi Translation) Part 8
أَعـــــــــــــــــــــــوذ بالله من الشيطان الرجيم● 🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃 📒 तफ़सीर दावतुल क़ुरआन 📒 ✒️ लेख़क: अ...
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🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃 🍁 *حدیث:-* وَعَنْهُ قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «إِذَ...
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Surah At-Talaq (65) Aayat 1 یٰۤاَیُّهَا النَّبِیُّ اِذَا طَلَّقْتُمُ النِّسَآءَ...