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Thursday, December 17, 2020

Hadees Yaad Karke Use Aage Pahunchane wale Shaksh ki Fazeelat (हदीस याद करके उसे आगे पहुँचाने वाले शख़्स की फ़ज़ीलत)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَنِ ابْنِ مَسْعُودٍ قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «نَضَّرَ اللَّهُ عَبْدًا سَمِعَ مَقَالَتِي فَحَفِظَهَا وَوَعَاهَا وَأَدَّاهَا فَرُبَّ حَامِلِ فِقْهٍ غَيْرِ فَقِيهٍ وَرُبَّ حَامِلِ فِقْهٍ إِلَى مَنْ هُوَ أَفْقَهُ مِنْهُ. ثَلَاثٌ لَا يَغِلُّ عَلَيْهِنَّ قَلْبُ مُسْلِمٍ إِخْلَاصُ الْعَمَلِ لِلَّهِ وَالنَّصِيحَةُ لِلْمُسْلِمِينَ وَلُزُومُ جَمَاعَتِهِمْ فَإِنَّ دَعْوَتَهُمْ تُحِيطُ مِنْ ورائهم» . رَوَاهُ الشَّافِعِي وَالْبَيْهَقِيّ فِي الْمدْخل

🍁 *तर्जुमा :-* इब्ने मसूद रज़ियल्लाहू अन्हु बयान करते हैं, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: “अल्लाह उस शख़्स के चेहरे को तरोताज़ा रखे जिसने मेरी हदीस को सुना, इसे याद किया, इसकी हिफाज़त की और फिर इसे आगे बयान किया। कभी कभी अहल इल्म फ़कीह नहीं होते और कभी कभी फ़कीह अपने से ज्यादा फ़कीह तक बात पहुँचा देता है। तीन ख़ूबियाँ ऐसी है जिनके बारे में मुसलमान का दिल ख़यानत नहीं करता: ख़ालिस अमल जो अल्लाह की रज़ा के लिए हो, मुसलमानों के लिए ख़ैरख़्वाही हो , और उनकी जमाअत के साथ लगे रहना, क्यूंकि उनकी दावत उन्हें सब तरफ से घेर लेगी (हिफाज़त करेगी)”।

📚 *[सहीह, शाफ़इ फ़ी अर रिसाला (सफ़ा 401), बैहक़ी फ़ी शोबुल ईमान (1738), तिरमिज़ी (2658), मुसनद अहमद (1/ 436)।, मिशकातुल मसाबीह (228)]*

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