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Sunday, December 20, 2020

Khataye Maaf Karne Wale Aur Darjat Buland Karne Wale Kaam (ख़तायें माफ़ करने के वाले और दर्जात बुलंद करने वाले काम)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ: (أَلَا أَدُلُّكُمْ عَلَى مَا يَمْحُو اللَّهُ بِهِ الْخَطَايَا وَيَرْفَعُ بِهِ الدَّرَجَاتِ؟   قَالُوا بَلَى يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ: «إِسْبَاغُ الْوُضُوءِ عَلَى الْمَكَارِهِ وَكَثْرَةُ الْخُطَى إِلَى الْمَسَاجِدِ وَانْتِظَارُ الصَّلَاةِ بَعْدَ الصَّلَاة فذلكم الرِّبَاط»

🍁 *तर्जुमा :-* अबू हुरैरा रज़ियल्लाहू अन्हु बयान करते हैं, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: “क्या मैं तुम्हें ऐसा अमल बताऊँ जिसके ज़रिए अल्लाह ख़तायें माफ़ कर देता है और दरजात बुलंद करता है”?  सहाबा ने अर्ज़ किया: क्यूँ नहीं, अल्लाह के रसूल! ज़रूर बताइए। आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: “नागवारी के बावजूद मुकम्मल तौर पर वुज़ू करना, मस्जिदों की तरफ़ ज़्यादा क़दम चल कर जाना और नमाज़ के बाद दूसरी नमाज़ का इंतज़ार करना, यही सरहदी छावनी की हिफाज़त है”। 

📚 *[मुस्लिम (587), मिशकातुल मसाबीह (282)]*

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http://authenticmessages.blogspot.com/2020/12/khataye-maaf-karne-wale-aur-darjat.html?m=1

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