🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃
🍁 *حدیث:-* عَن أَبِي مَالِكٍ الْأَشْعَرِيِّ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «الطُّهُورُ شَطْرُ الْإِيمَانِ وَالْحَمْدُ لِلَّهِ تَمْلَأُ الْمِيزَانَ وَسُبْحَانَ اللَّهِ وَالْحَمْدُ لِلَّهِ تَمْلَآنِ - أَوْ تَمْلَأُ - مَا بَيْنَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ وَالصَّلَاةُ نُورٌ وَالصَّدَقَةُ بُرْهَانٌ وَالصَّبْرُ ضِيَاءٌ وَالْقُرْآنُ حُجَّةٌ لَكَ أَوْ عَلَيْكَ كُلُّ النَّاسِ يَغْدُو فَبَائِعٌ نَفْسَهُ فَمُعْتِقُهَا أَوْ مُوبِقُهَا» . رَوَاهُ مُسْلِمٌ
🍁 *तर्जुमा :-* अबू मालिक अशअरी रज़ियल्लाहू अन्हु बयान करते हैं, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: “पाकीज़गी आधा ईमान है, अल्हम्दुलिल्लाह मीज़ान को भर देता है, सुबहानल्लाह और अल्हम्दुलिल्लाह दोनो या (इनमें से हर कलमा) ज़मीन व आसमान के बीच को भर देता है, नमाज़ नूर है, सदक़ा करना दलील है, सब्र रौशनी है और क़ुरआन तेरे हक़ मे या तेरे ख़िलाफ़ दलील होगा। हर आदमी सुबह के वक़्त अपने नफ़्स का सौदा करता है, तो वो इसे आज़ाद करा लेता है या हलाक कर देता है”।
📚 *[मुस्लिम (534), मिशकातुल मसाबीह (281)]*
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