Search This Blog

Friday, December 18, 2020

Ilm Na Hone Par Bewajah Takalluf Karne Se Bachna (इल्म न होने पर बेवजह तकल्लुफ़ करने से बचना)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ قَالَ: يَا أَيُّهَا النَّاسُ مَنْ عَلِمَ شَيْئًا فَلْيَقُلْ بِهِ وَمَنْ لَمْ يَعْلَمْ فَلْيَقُلِ اللَّهُ أعلم فَإِن من الْعلم أَن يَقُول لِمَا لَا تَعْلَمُ اللَّهُ أَعْلَمُ. قَالَ اللَّهُ تَعَالَى لِنَبِيِّهِ (قُلْ مَا أَسْأَلُكُمْ عَلَيْهِ مِنْ أَجْرٍ وَمَا أَنا من المتكلفين)

🍁 *तर्जुमा :-* अब्दुल्लाह बिन मसूद रज़ियल्लाहू अन्हु ने फ़रमाया: लोगो! जिस शख़्स को किसी चीज़ का इल्म हो तो वो उसके बारे में बात करे और जिसे इल्म न हो तो वो कहे (अल्लाहु आलम) अल्लाह बेहतर जानता है। क्यूंकि जिस चीज़ का तुझे इल्म न हो उसके बारे में तुम्हारा यह कहना कि अल्लाह बेहतर जानता है, यह भी इल्म की बात है। अल्लाह तआला ने अपने नबी से फ़रमाया: “कह दीजिए मैं इस पर तुमसे कोई अज्र नहीं मांगता और मैं तकल्लुफ़ करने वालो में से भी नहीं हूँ”।

📚 *[मुत्तफ़िक़ अलैह, बुख़ारी (4809), मुस्लिम (7066), मिशकातुल मसाबीह (272)]*

No comments:

Post a Comment

Tafseer Dawat ul Quran (Hindi Translation) Part 8

 أَعـــــــــــــــــــــــوذ بالله من الشيطان الرجيم● 🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃 📒 तफ़सीर दावतुल क़ुरआन 📒 ✒️ लेख़क: अ...