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Thursday, February 25, 2021

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَن عَائِشَةُ زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: كَانَ إِذَا اغْتَسَلَ مِنَ الْجَنَابَةِ بَدَأَ فَغَسَلَ يَدَيْهِ ثُمَّ يَتَوَضَّأُ كَمَا يَتَوَضَّأُ لِلصَّلَاةِ ثُمَّ يُدْخِلُ أَصَابِعَهُ فِي الْمَاءِ فَيُخَلِّلْ بِهَا أُصُولَ شَعَرِهِ ثمَّ يصب على رَأسه ثَلَاث غرف بيدَيْهِ ثمَّ يفِيض المَاء على جلده كُله
وَفِي رِوَايَةٍ لِمُسْلِمٍ: يَبْدَأُ فَيَغْسِلُ يَدَيْهِ قَبْلَ أَنْ يُدْخِلَهُمَا الْإِنَاءَ ثُمَّ يُفْرِغُ بِيَمِينِهِ عَلَى شِمَاله فَيغسل فرجه ثمَّ يتَوَضَّأ

🍁 *तर्जुमा :-* आयशा रज़ियल्लाहु अन्हा बयान करती हैं, जब अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जनाबत (नापाकी) का ग़ुस्ल करते, तो आप सबसे पहले हाथ धोते, फिर वुज़ू करते जैसे नमाज़ के लिए वुज़ू किया जाता है,फिर अपने उंगलिया पानी में दाख़िल करते और उससे अपने बालो की जड़ो का ख़िलाल करते, फिर अपने सर पर तीन चुल्लू पानी डालते, फिर अपने पूरे जिस्म पर पानी बहाते।
और मुस्लिम की रिवायत में है: आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ग़ुस्ल करते, तो आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपने हाथो को किसी बर्तन में डालने से पहले धोते, फिर अपने दाएं हाथ से बाएँ हाथ पर पानी डालते और अपने शर्मगाह को धोते, फिर वुज़ू करते। 

📚 *[मुत्तफ़िक़ अलैह, बुख़ारी (248), मुस्लिम (718), मिशकातुल मसाबीह (435)]*

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Sunday, February 21, 2021

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَن مُحَمَّد بن يحيى بن حبَان الْأنْصَارِيّ ثمَّ الْمَازِني مَازِن بني النجار عَن عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ قَالَ قلت لَهُ أَرَأَيْتَ وُضُوءَ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ لِكُلِّ صَلَاةٍ طَاهِرًا كَانَ أَوْ غَيْرَ طَاهِرٍ عَمَّنْ أَخَذَهُ؟ فَقَالَ: حَدَّثَتْهُ أَسْمَاءُ بِنْتُ زَيْدِ بْنِ الْخَطَّابِ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ حَنْظَلَةَ بْنِ أبي عَامر ابْن الْغَسِيلِ حَدَّثَهَا أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ أُمِرَ بِالْوُضُوءِ لِكُلِّ صَلَاةٍ طَاهِرًا كَانَ أَوْ غَيْرَ طَاهِرٍ فَلَمَّا شَقَّ ذَلِكَ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أُمِرَ بِالسِّوَاكِ عِنْدَ كُلِّ صَلَاةٍ وَوُضِعَ عَنْهُ الْوُضُوءُ إِلَّا مِنْ حَدَثٍ قَالَ فَكَانَ عَبْدُ اللَّهِ يَرَى أَنَّ بِهِ قُوَّةً عَلَى ذَلِكَ كَانَ يَفْعَله حَتَّى مَاتَ. رَوَاهُ أَحْمد

🍁 *तर्जुमा :-* मुहम्मद बिन याहया बिन हब्बान रहमतुल्लाह अलैह बयान करते हैं, मैंने उबैदुल्लाह बिन अब्दुल्लाह बिन उमर से कहा: क्या तुमने अब्दुल्लाह बिन उमर रज़ियल्लाहू अन्हुमा को हर नमाज़ के लिए वुज़ू करते हुए देखा है चाहे वो पहले ही वुज़ू से हों या बे वुज़ू और उन्होंने यह मसअला कहाँ से लिया है? उन्होंने कहा: अस्मा बिन्ते ज़ैद बिन ख़त्ताब ने उन्हें हदीस बयान की कि अब्दुल्लाह बिन हन्ज़लह बिन अबी आमिर अल ग़सील ने उन्हें हदीस बयान की कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को वुज़ू होने या वुज़ू ना होने हर हाल में हर नमाज़ के लिए वुज़ू करने का हुक्म दिया गया, तो जब अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर यह अमल मुश्किल हुआ, तो आपको हर नमाज़ के वक़्त मिस्वाक करने का हुक्म दिया गया और वुज़ू का हुक्म ख़त्म कर दिया गया जबकि वुज़ू ना होने की सूरत में वुज़ू करने का हुक्म बाक़ी रहा। रावी बयान करते हैं, अब्दुल्लाह रज़ियल्लाहु अन्हु समझते थे कि उन्हें हर नमाज़ के लिए नया वुज़ू करने की ताक़त है लिहाज़ा वो मरते दम तक इस पर अमल करते रहे।

📚 *[इसकी सनद हसन है, मुसनद अहमद (22306),अबू दावूद (48), सहीह इब्ने ख़ुज़मा (15), मुस्तदरक हाकिम (1/156), मिशकातुल मसाबीह (426)]*

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Friday, February 19, 2021

🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَنْ أَنَسٍ قَالَ: كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَتَوَضَّأُ لِكُلِّ صَلَاةٍ وَكَانَ أَحَدُنَا يَكْفِيهِ الْوُضُوءُ مَا لَمْ يُحْدِثْ. رَوَاهُ الدِّرَامِي

🍁 *तर्जुमा :-* अनस रज़ियल्लाहू अन्हु बयान करते हैं, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हर नमाज़ के लिए वुज़ू किया करते थे, जबकि हमारे किसी के लिए (पहला) वुज़ू काफ़ी रहता है जब तक उसका वुज़ू ना टूटे।

📚 *[दारमी (726), बुखारी (214), मिशकातुल मसाबीह (425)]*

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Sunday, February 14, 2021

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَن عبد الله بن الْمُغَفَّل أَنه سمع ابْنه يَقُول: الله إِنِّي أَسْأَلُكَ الْقَصْرَ الْأَبْيَضَ عَنْ يَمِينِ الْجَنَّةِ قَالَ: أَيْ بُنَيَّ سَلِ اللَّهَ الْجَنَّةَ وَتَعَوَّذْ بِهِ مِنَ النَّارِ فَإِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُول: «إِنَّه سَيكون فِي هَذِهِ الْأُمَّةِ قَوْمٌ يَعْتَدُونَ فِي الطَّهُورِ وَالدُّعَاءِ» . رَوَاهُ أَحْمَدُ وَأَبُو دَاوُدَ وَابْنُ مَاجَهْ

🍁 *तर्जुमा :-* अब्दुल्लाह बिन मुग़फ़्फ़ल रज़ियल्लाहू अन्हु से रिवायत है कि उन्होंने अपने बेटे को दुआ करते हुए सुना: ऐ अल्लाह! मैं तुझसे जन्नत के दाएं तरफ़ सफ़ेद महल की दरख्वास्त करता हूँ, तो उन्होंने ने फ़रमाया: बेटा! अल्लाह से जन्नत मांगा करो और जहन्नम से उसकी पनाह तलब करो, क्यूंकि मैंने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को फ़रमाते हुए सुना: “मेरी उम्मत में कुछ ऐसे लोग होंगे जो वुज़ू (बदन के वुजू के हिस्से धोने में) और दुआ करने में हद से तजावुज़ करेंगे”।

📚 *[सहीह, मुसनद अहमद (16924), अबू दावूद (96), इब्ने माजा (3864), सहीह इब्ने हिब्बान 171,172), मिशकातुल मसाबीह (418)]*

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Friday, February 12, 2021

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ جده قَالَ: جَاءَ أَعْرَابِيٌّ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَسْأَلُهُ عَنِ الْوُضُوءِ فَأَرَاهُ ثَلَاثًا ثَلَاثًا ثُمَّ قَالَ: «هَكَذَا الْوُضُوءُ فَمَنْ زَادَ عَلَى هَذَا فَقَدْ أَسَاءَ وَتَعَدَّى وَظَلَمَ» . رَوَاهُ النَّسَائِيُّ وَابْنُ مَاجَهْ وَرَوَى أَبُو دَاوُدَ مَعْنَاهُ

🍁 *तर्जुमा :-* अम्र बिन शुऐब अपने बाप से और वो अपने दादा से रिवायत करते हैं कि एक देहाती नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की ख़िदमत में हाज़िर हुआ और उसने आपसे वुज़ू के बारे में पुछा तो आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने तीन तीन मर्तबा बदन के वुजू के हिस्से को धो कर इसे दिखाए, फिर फ़रमाया: “इस तरह (मुकम्मल) वुज़ू है, तो जिसने इससे ज़्यादा मर्तबा किया उसने बुरा किया, हद से तजावुज़ किया और ज़ुल्म किया”। नसाई, इब्ने माजा जबकि अबू दावुद ने इसी मायने में रिवायत किया है।

📚 *[इसकी सनद हसन है, नसाई (140), इब्ने माजा (422), अबू दावुद (135), {इब्ने ख़ुज़ैमा: 174} , मिशकातुल मसाबीह (417)]*

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Tuesday, February 9, 2021

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ زَيْدٍ: أَنَّهُ رَأَى النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَوَضَّأَ وَأَنَّهُ مَسَحَ رَأْسَهُ بِمَاءٍ غَيْرِ فَضْلِ يَدَيْهِ. رَوَاهُ التِّرْمِذِيّ وَرَوَاهُ مُسلم مَعَ زَوَائِد 

🍁 *तर्जुमा :-* अब्दुल्लाह बिन ज़ैद रज़ियल्लाहू अन्हु से रिवायत है कि उन्होंने नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को देखा कि आपने वुज़ू किया और यह कि आपने अपने हाथो के साथ लगे हुए पानी के अलावा अलग पानी से सर का मसाह किया। तिरमिज़ी जबकि मुस्लिम ने कुछ ज़्यादती के साथ रिवायत किया है।

📚 *[सहीह, तिरमिज़ी (35), मुस्लिम (559), मिशकातुल मसाबीह (415)]*

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Saturday, February 6, 2021

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَسَحَ بِرَأْسِهِ وَأُذُنَيْهِ: بَاطِنَهُمَا بِالسَّبَّاحَتَيْنِ وَظَاهِرَهُمَا بإبهاميه)
(رَوَاهُ النَّسَائِيّ)

🍁 *तर्जुमा :-* इब्ने अब्बास रज़ियल्लाहू अन्हुमा से रिवायत है कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अपने सर का मसाह किया और आपने कानो के अन्दर के हिस्सों का शहादत की उंगलियों से और बाहर के हिस्सों का अंगूठो से मसाह किया।

📚 *[इसकी सनद हसन है, नसाई (102), तिरमिज़ी (36), इब्ने माजा (439), मिशकातुल मसाबीह (413)]*

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Friday, February 5, 2021

Ek Hi Chullu Se Kulli Aur Naak Mein Pani Dalne Ka Bayan (एक ही चुल्लू से कुल्ली और नाक में पानी डालने का बयान)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَن عبد الله بن زيد قَالَ: رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَضْمَضَ وَاسْتَنْشَقَ مِنْ كَفٍّ وَاحِدَةٍ فَعَلَ ذَلِك ثَلَاثًا. رَوَاهُ أَبُو دَاوُد وَالتِّرْمِذِيّ

🍁 *तर्जुमा :-* अब्दुल्लाह बिन ज़ैद रज़ियल्लाहू अन्हु बयान करते हैं, मैंने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को देखा कि आपने एक ही चुल्लू से कुल्ली की और नाक में पानी डाला और आपने तीन मर्तबा ऐसे ही किया।

📚 *[इसकी सनद सहीह है, अबू दावुद (119), तिरमिज़ी (28), मुत्तफ़िक़ अलैह, बुख़ारी (191), मुस्लिम (555), मिशकातुल मसाबीह (412)]*

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Thursday, February 4, 2021

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَن الْمُسْتَوْرد بن شَدَّاد قَالَ: رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا تَوَضَّأَ يُدَلِّكُ أَصَابِعَ رِجْلَيْهِ بِخِنْصَرِهِ. رَوَاهُ التِّرْمِذِيّ وَأَبُو دَاوُد وَابْن مَاجَه

🍁 *तर्जुमा :-* : मसतूर बिन शद्दाद रज़ियल्लाहू अन्हु बयान करते हैं, मैंने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को देखा कि जब आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम वुज़ू करते, तो अपने छोटी उंगली के साथ पाँव की उंगलियों को ख़ूब मलते।

📚 *[सहीह, तिरमिज़ी (40), अबू दावूद (148), इब्ने माजा (446), मिशकातुल मसाबीह (407)]*

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Tuesday, February 2, 2021

Ungliyon Ka Khilaal Karna (उंगलियों का ख़िलाल करना)

🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃

🍁 *حدیث:-* وَعَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «إِذَا تَوَضَّأْتَ فَخَلِّلْ بَيْنَ أَصَابِعِ يَدَيْكَ وَرِجْلَيْكَ» . رَوَاهُ التِّرْمِذِيُّ. وَرَوَى ابْنُ مَاجَهْ نَحْوَهُ وَقَالَ التِّرْمِذِيُّ: هَذَا حَدِيثٌ غَرِيب

🍁 *तर्जुमा :-* इब्ने अब्बास रज़ियल्लाहू अन्हुमा बयान करते हैं, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: “जब तुम वुज़ू करो तो अपने हाथो और अपने पाँव की उंगलियों का ख़िलाल करो”। तिरमिज़ी, इब्ने माजा ने भी इसी तरह रिवायत किया है और तिरमिज़ी ने फ़रमाया: यह हदीस ग़रीब है।

📚 *[ हसन, तिरमिज़ी (39), इब्ने माजा (447), मिशकातुल मसाबीह (406)]*

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Tafseer Dawat ul Quran (Hindi Translation) Part 8

 أَعـــــــــــــــــــــــوذ بالله من الشيطان الرجيم● 🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃 📒 तफ़सीर दावतुल क़ुरआन 📒 ✒️ लेख़क: अ...