*क़यामत की कुछ निशानियाँ*
2⃣ *दूसरा भाग*
नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया कि सितारे आसमान के बचावहैं, जब सितारे मिट जायेंगे तो आसमान पर भी जिस बात का वादा है वो आ जाएगी (यानी क़यामत आ जाएगी और आसमान फट कर ख़राब हो जायेगा) और मैं अपने सहाबा का बचाव हूँ, जब मैं चला जाऊँगा तो मेरे सहाबा पर भी वो वक़्त आ जायेगा जिसका वादा है (यानी फ़ितना और फसाद और लड़ाईयाँ) और मेरे सहाबा मेरी उम्मत के बचाव हैं, जब सहाबा चले जायेंगे तो मेरी उम्मत पर वो वक़्त आ जायेगा जिसका वादा है (यानी इख्तिलाफ़ और इन्तिशार आदि)l
*(सही मुस्लिम : 6466)*
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया क़यामत उस वक़्त तक क़ायम नहीं होगी जब तक दो बड़ी जमाते जंग न करेंगी, उन दोनों जमातो के बीच बड़ी खूंरेजी होगी हालांकि दोनों का दावा एक ही होगा l
*(सही मुस्लिम : 7256, सही बुख़ारी : 7121)*
➡ *जारी है...............*
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