🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃
🍁 *حدیث:-* وَعَن أنس قَالَ: بَيْنَمَا نَحْنُ فِي الْمَسْجِدِ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذْ جَاءَ أَعْرَابِيٌّ فَقَامَ يَبُولُ فِي الْمَسْجِدِ فَقَالَ أَصْحَابُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَهْ مَه قَالَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «لَا تَزْرِمُوهُ دَعُوهُ» فَتَرَكُوهُ حَتَّى بَالَ ثُمَّ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ دَعَاهُ فَقَالَ لَهُ: «إِنَّ هَذِهِ الْمَسَاجِدَ لَا تصلح لشَيْء من هَذَا الْبَوْل وَلَا القذر إِنَّمَا هِيَ لذكر الله عز وَجل وَالصَّلَاةِ وَقِرَاءَةِ الْقُرْآنِ» أَوْ كَمَا قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ فَأمر رَجُلًا مِنَ الْقَوْمِ فَجَاءَ بِدَلْوٍ مِنْ مَاءٍ فسنه عَلَيْهِ
🍁 *तर्जुमा :-* अनस रज़ियल्लाहु अन्हु बयान करते हैं, हम अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ मस्जिद में बैठे हुए थे कि इसी दौरान एक देहाती आया और वो खड़ा होकर मस्जिद में पेशाब करने लगा। अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सहाबा ने कहा रुक जा रुक जा जबकि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: “इसका पेशाब न रोको इसे कुछ न कहो छोड़ दो”। तो उन्होंने इसे छोड़ दिया यहाँ तक कि उसने पेशाब कर लिया फिर अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उसे बुलाकर फ़रमाया: “यह जो मस्जिदें हैं, यह पेशाब और गंदगी आदि के लिए नहीं | यह तो अल्लाह के ज़िक्र नमाज़ और क़ुरआन की क़िराअत के लिए है या फिर जैसे अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया रावी बयान करते हैं, आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उन लोगो में से किसी शख़्स को हुक्म फ़रमाया तो वो पानी का डोल ले आया तो आपने वो इस (पेशाब) पर बहा दिया।
📚 *[मुत्तफ़िक़ अलैह, बुख़ारी (मुझे नहीं मिली), मुस्लिम (661), मिशकातुल मसाबीह (492)]*
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