*क़यामत की कुछ निशानियाँ*
8⃣ *आठवा भाग*
सय्यदना अबु हुरैरा रज़ियल्लाहु अन्हु कहते हैं कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया दोज़खियों की दो क़िस्मे हैं जिनको मैंने नहीं देखा, एक तो वो लोग जिनके पास बैलों की दुमो की तरह के कोड़े हैं, वो लोगो को इस से मारते हैं दूसरे वो औरतें जो पेहनती हैं मगर नंगी हैं (यानी सतर के लायक लिबास नहीं है) सीधी राह से बेहकाने वाली, ख़ुद बेहकने वाली और उनके सर बख्ती (ऊँट की एक क़िस्म है)ऊँट की कोहान की तरह एक तरफ झुके हुए वो जन्नत में ना जाएंगी बल्कि उसकी खुशबू भी उनको ना मिलेगी हालांकि जन्नत की खुशबू इतनी दूर से आ रही होगी।
*(सही मुस्लिम : 5582)*
अबु मूसा रज़ियल्लाहु अन्हु बयान करते हैं कि नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया क़यामत के दिन से पहले ऐसे दिन होंगे जिनमे जिहालत उतर पड़ेगी और इल्म उठा लिया जाएगा और हरज बढ़ जाएगा और हरज क़त्ल है।
*(सही बुख़ारी : 7063, सही मुस्लिम : 6788)*
➡ *जारी है..............*
सभी भाग हासिल करने के लिए और सही इस्लामिक मेसेज हासिल करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें.........
http://authenticmessages.blogspot.com
No comments:
Post a Comment