*क़यामत की कुछ निशानियाँ*
4⃣ *चौथा भाग*
क़यामत उस वक़्त तक क़ायम ना होगी जब तक कि अरब की ज़मीन में दोबारा बागात और नेहरो की कसरत ना हो जाए और यहां तक कि एक सवार इराक़ से चल कर मक्का पहुंचेगा और सफर के दौरान उसे रास्ता भूलने के सिवा कोई खौ़फ ना होगा और अलबत्ता हरज की कसरत हो जाएगी। सहाबा ने फ़रमाया अल्लाह के रसूल यह हरज क्या है? आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया : क़त्ल और खूंरेज़ी।
*(मुस्नद अहमद : 8833, सनद हसन)*
अबु हुरैरा रज़ियल्लाहु अंहु बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया क़यामत क़ायम ना होगी यहां तक कि हिजाज़ की ज़मीन से एक आग निकलेगी और बसरा में ऊंटों की गर्दनो को रोशन कर देगी
*(सही बुख़ारी : 7118)*
➡ *जारी है.............*
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