🔥 *क़यामत की कुछ निशानियाँ*🔥
1⃣3⃣ *तेरवा भाग*
अम्र बिन कैस अल किंदी बयान करते हैं मैं नौजवान था, और अबुल फवारिस के साथ था, मैंने देखा कि लोग एक आदमी के पास जमा हैं, मैंने पूछा यह कौन शख्स है? लोगों ने बताया कि यह हज़रत अब्दुल्लाह बिन अम्र बिन आस रज़ियल्लाहू अन्हुमा हैं मैंने सुना, वो बयान करते थे कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: "क़यामत की निशानी है कि ख़बीस लोगों को बुलंद मक़ाम दिया जायेगा, बातें बहुत होंगी लेकिन अमल कम होगा, कौम को "मुस्संनात"पढ़ाई जाएगी लेकिन कोई शख्स इसका इनकार नहीं करेगा l" पूछा गया : "मुस्संनात" किसको को कहते हैं? जवाब दिया: "किताबुल्लाह के सिवा जो कुछ भी लिखा जाए l"
📚 *(अलमुसतदरक हाकिम : 8660, सनद सही)*
नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: "ज़माना क़रीब होता जायेगा और अमल कम होता जायेगा और लालच दिलो में डाल दिया जायेगा और फितने ज़ाहिर होने लगेंगें और "हर्ज" की कसरत हो जाएगी" लोगों ने सवाल किया: या रसूलुल्लाह! यह हर्ज क्या चीज़ है? नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया कि क़त्ल!
📚 *(सही बुख़ारी : 7061, सही मुस्लिम : 6792)*
*जारी है.....................*
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