💥 *जब बादल की गरज सुने* 💥
जनाब आमिर बिन अब्दुल्लाह बिन ज़ुबैर रहमतुल्लाह अलैहि बयान करते हैं कि सय्यदना अब्दुल्लाह बिन ज़ुबैर रज़ियल्लाहु अंहु जब बादल गरजने की आवाज़ सुनते तो बात करना छोड़ देते थे और ज़बान से यह अल्फाज़ कहते थे *((سُبْحَانَالَّذِي يُسَبِّحُ الرَّعْدُ بِحَمْدِهِ وَالْمَلاَئِكَةُ مِنْ خِيفَتِهِ. ))* "पाक है वो जिसकी हम्द के साथ बिजली तसबीह करती है और तमाम फरिश्ते भी उसके डर से (तसबीह करते हैं)" फ़िर फरमाते बेशक यह गरज ज़मीन वालों के लिए सख्त वईद है।
📚 *(मोअत्ता मालिक : 3641, अल अदब अल मुफरद: 723, मुससन्नफ इब्ने अबी शैबा :*29214, सनद सही)*
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