*क़यामत की कुछ निशानियाँ*
7⃣ *सातवा भाग*
हज़रत अबु हुरैरा रज़ियल्लाहु अंहु बयान करते हैं कि नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया क़यामत उस वक़्त तक क़ायम नहीं होगी जब तक मेरी उमम्त इस तरह पिछली उमम्तो के मुताबिक़ नहीं हो जाएगी जैसे बालिशत बालिशत के और हाथ हाथ के बराबर होता है, पूछा गया या रसूलुल्लाह अगली उमत्तो से कौन मुराद हैं, फारिस और नसरानी? आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया फिर और कौन।
*(सही बुख़ारी : 7319)*
नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने क़यामत की कुछ निशानियाँ बतायी कि जब औरत ऐसी औलाद जने जो उसकी आक़ा बन जाए तो यह क़यामत की निशानी है, जब नंगे पाउ, नंगे जिस्म वाले लोग लोगो पर हाकिम हो जाए तो यह क़यामत की निशानी है।
*(सही बुख़ारी : 4777)*
➡ *जारी है..............*
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